अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ का विरोध प्रदर्शन

सरकारें संविदा कर्मियों को नियमित कर निजीकरण पर रोक लगायें - लेघा

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ का विरोध प्रदर्शन
सरकारें संविदा कर्मियों को नियमित कर निजीकरण पर रोक लगायें - लेघा

बीकानेर:- अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ, जिला शाखा बीकानेर के बेनर तले उससे जुडे़ घटक संगठनों के कर्मचारियों ने जिला अध्यक्ष पृथ्वीराज लेघा के नेतृत्व में छः सूत्री मांगपत्र की मांगों के निस्तारण को लेकर जिला कलक्टर कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए शुक्रवार को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भिजवाया गया। जिला अध्यक्ष पृथ्वीराज लेघा ने बताया कि अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ (AISGEF) के बेगूसराय (बिहार) में सम्पन्न राष्ट्रीय सम्मेलन में कर्मचारियों की अत्यन्त महत्वपूर्ण मांगों को लेकर व्यापक आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। आंदोलन के प्रथम चरण में 27 मई 2022 को राष्ट्रीय स्तर पर मांग दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। मांग दिवस के अन्तर्गत शुक्रवार को पूरे भारत में 742 जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री व संबंधित प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने का निर्णय किया गया ।

श्री लेघा ने बताया कि मांगपत्र में PFRDA बिल को रद्द करने और NPS   में काटी गई राशि वापिस कर्मचारियों के खातों में जमा करने, संविदा कर्मियों को नियमित करने, समस्त खाली पद नियमित नियुक्ति से भरने,निजीकरण पर रोक लगाने, विनिवेश के नाम पर, सार्वजनिक सम्पदा बेचना बन्द करने, राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाईप लाईन योजना पर रोक लगाने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति ( NEP) 2020 रद्द करने, संविधान के अनुच्छेद 310,311 (2)(A)(B)(C) रद्द करने व महांसघ के मांग पत्र का निस्तारण करने की मांग शामिल है। आज के प्रदर्षन में जयकिशन पारीक, देवराज जोशी, श्रवण पुरोहित, चांदरतन सोलंकी, रेवन्तराम गोदारा, रामनिवास रोकणा, सोहन सियाग देवेन्द्र जाखड़, शिवशंकर गोदारा, हेमेंन्द्र बाना,ताराचंद जयपाल, रामलाल सुथार, , विक्रम प्रजापत , भंवर सांगवा,  निजामुदीन,  आदि कर्मचारी नेता शामिल हुए।