नागौर का लाल 'हरमेंद्र' जम्मू कश्मीर में शहीद

सबसे हटकर - सबसे अलग, सत्य के साथ राजस्थान की आवाज।

नागौर का लाल 'हरमेंद्र' जम्मू कश्मीर में शहीद

8 दिन पहले दुर्गम क्षेत्र की ऊंची बर्फीली चोटी पर सर्दी से हालत बिगड़ गई थी,

चंडीगढ़ के आर्मी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान तोड़ा दम

नागौर। राजस्थान के नागौर के लाल हरमेंद्र गोदारा जम्मू कश्मीर में शहीद हो गए हैं। हरमेंद्र नागैर जिले के इंदास गांव के रहने वाले थे। उनकी शहादत की खबर से गांव में सन्नाटा पसरा है। शहीद की पा​र्थिव देह रविवार तक नागौर में उनके गांव इंदास पहुंचने की उम्मीद है।

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी नागौर ने बताया कि सेना में राजपूताना राइफल के नायक 32 साल के हरमेंद्र गोदारा जम्मू कश्मीर में दुर्गम क्षेत्र की ऊंची बर्फीली चोटी पर तैनात थे। बहुत ज्यादा सर्दी होने से सांस में दिक्कत आने के बाद दस सितंबर को नायक हरमेंद्र गोदारा कि हालत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें नीचे लाया गया और 14 सितंबर से चंडीगढ़ स्थित आर्मी हॉस्पिटल में उनका इलाज शुरू किया गया, लेकिन डॉक्टर्स की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

इंदास निवासी बाबूलाल गोदारा के बड़े बेटे शहीद हरमेंद्र गोदारा के भाई मूलाराम गोदारा गांव में ही टेंट व्यवसाय का काम करते हैं। हरमेंद्र विवाहित थे और उनके 3 छोटे-छोटे बच्चे हैं। बड़ा बेटा 7 साल, मंझला बेटा 4 साल और सबसे छोटा बेटा नौ महीने का ही है। करीब पांच महीने पहले किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हरमेंद्र गांव आए थे।